PRE BOARD ANSWERS SOLVED CLASS 12 TH
PRE BOARD PAPRER STYLE HISTORY
खंड – A (MCQ) (16 × 1 = 16 अंक)
1 B) मोहनजोदड़ो
2 C) सिंधु
3 C) 16
4 C) बुद्ध
5 B) अशोक
6 C) विजयनगर
7 B) कबीर
8 D) दरगाह
9 B) अरब
10 B) दर्शन
11 C) कृषि
12 B) सैनिकों से
13 C) रानी लक्ष्मीबाई
14 B) 1869
15 B) 1946
16 B) 26 जनवरी 1950
✅ खंड – B (अति लघु उत्तरीय) (9 × 2 = 18 अंक)
17. सिंधु घाटी सभ्यता की दो विशेषताएँ
1 सुनियोजित नगर योजना।
2 पक्की ईंटों के मकान और जल निकासी व्यवस्था।
18. महाजनपद क्या थे?
Ans:ईसा पूर्व 6वीं शताब्दी में उत्तर भारत में विकसित 16 बड़े राज्य महाजनपद कहलाते थे।
19. बौद्ध संघ का अर्थ
भिक्षुओं और भिक्षुणियों का संगठन, जो बुद्ध के उपदेशों का प्रचार करता था।
20. सांची स्तूप का महत्व
यह बौद्ध कला का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा बुद्ध के अवशेषों से संबंधित है।
21. हंपी की दो स्थापत्य विशेषताएँ
1 विशाल मंदिर और मंडप
2 पत्थर की नक्काशीदार मूर्तियाँ
22. दो भक्ति संत
Ans: : कबीर, तुलसीदास
23. यात्रियों के विवरण क्यों महत्त्वपूर्ण?
वे उस समय की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति की जानकारी देते हैं।
24. 1857 के दो कारण
1. एनफील्ड कारतूस विवाद
2. अंग्रेजों की हड़प नीति
25. संविधान सभा के दो उद्देश्य
स्वतंत्र भारत का संविधान बनाना
लोकतांत्रिक शासन की स्थापना
✅ खंड – C (लघु उत्तरीय) (6 × 3 = 18 अंक)
26. सिंधु सभ्यता की नगर योजना
सिंधु सभ्यता में नगर दो भागों— दुर्ग क्षेत्र और निचला नगर— में विभाजित थे। सड़कों का जाल सीधी रेखाओं में था। जल निकासी की उत्तम व्यवस्था थी।
सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना की प्रमुख विशेषताएं:
- ग्रिड प्रणाली (Grid System): सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं, जिससे नगर आयताकार खंडों में विभाजित हो जाते थे।
- नगर का विभाजन: अधिकांश शहर दो भागों में बंटे थे:
- पश्चिमी भाग (गढ़/दुर्ग): यह ऊँचे चबूतरे पर बना छोटा, किलेबंद भाग था, जहाँ संभवतः शासक या महत्वपूर्ण लोग रहते थे।
- पूर्वी भाग (निचला नगर): यह बड़ा और निचला हिस्सा था, जहाँ सामान्य नागरिक, व्यापारी और कारीगर निवास करते थे।
- जल निकासी और स्वच्छता: नगरों में जल निकासी की बहुत प्रभावशाली व्यवस्था थी। घरों की नालियाँ गली की नालियों से जुड़ी थीं और उन्हें ईंट या पत्थर की पट्टियों से ढका जाता था।
- पकी ईंटों का उपयोग: भवन निर्माण में धूप में सुखाई गई ईंटों के बजाय पकी हुई ईंटों (1:2:4 के अनुपात में) का व्यापक प्रयोग किया गया।
- सड़कें और गली: मुख्य सड़कें 10 मीटर से अधिक चौड़ी थीं, जबकि घरों के दरवाजे मुख्य सड़क पर न खुलकर गलियों में खुलते थे (लोथल अपवाद था)।
- सार्वजनिक भवन: मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार (Great Bath) और अन्नागार (अनाज रखने का स्थान) यहाँ की वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
- जल आपूर्ति: लगभग हर घर में निजी कुएं और स्नानघर होते थे।
क्षेत्रीय भिन्नता:
- बनावली: यहाँ सड़कें एक-दूसरे के समानांतर थीं, न कि समकोण पर।
- लोथल और धोलावीरा: इन नगरों की योजना में भी कुछ भिन्नता (जैसे त्रिस्तरीय) देखी गई है।
27. बौद्ध धर्म के सिद्धांत
1. चार आर्य सत्य
2. अष्टांगिक मार्ग
3. मध्यम मार्ग
बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धांत:
- चार आर्य सत्य (Four Noble Truths):
- दुःख: संसार में दुःख है।
- दुःख समुदाय: दुःख का कारण (तृष्णा/इच्छा) है।
- दुःख निरोध:दुखों का निवारण संभव है।
- दुःख निरोधगामिनी प्रतिपदा: दुःख निवारण का मार्ग है।
- अष्टांगिक मार्ग (Eightfold Path): दुखों से मुक्ति के लिए आठ उपाय हैं: सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाक (सही वाणी), सम्यक कर्मान्त (सही कर्म), सम्यक आजीव (सही जीविका), सम्यक व्यायाम, सम्यक स्मृति, और सम्यक समाधि।
- पंचशील सिद्धांत (नैतिक नियम): अहिंसा (हत्या न करना), अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य (व्यभिचार न करना), सत्य (झूठ न बोलना), और मद्यपान निषेध (नशा न करना)।
28. कृषि से संबंधित नई वस्तुएँ
हल, सिंचाई प्रणाली, लोहे के औज़ार, नई फसलें (चावल, गेहूँ)
29. मध्यकालीन समाज की विशेषताएँ
1. सामंती व्यवस्था
2. धार्मिक सहिष्णुता
30. 1857 के परिणाम
1. ईस्ट इंडिया कंपनी का अंत
2. शासन ब्रिटिश क्राउन के अधीन
3. सेना का पुनर्गठन
31. गांधीजी के राजनीतिक जीवन की विशेषताएँ
सत्य और अहिंसा का सिद्धांत
जन आंदोलन की नीति
ग्रामीण विकास पर बल
✅ खंड – D (दीर्घ उत्तरीय) (3 × 4 = 12 अंक)
32. असहयोग आंदोलन
महात्मा गांधी द्वारा 1920 में प्रारंभ।
उद्देश्य – अंग्रेजी शासन का बहिष्कार।
कार्यक्रम – सरकारी पदों, स्कूलों, अदालतों का बहिष्कार।
चौरी-चौरा घटना के बाद 1922 में समाप्त।
33. भक्ति और सूफी परंपरा में समानताएँ
भक्ति आंदोलन
सूफी आंदोलन
ईश्वर की एकता पर बल
आडंबरों का विरोध
प्रेम और मानवता का संदेश
जाति-पांति का विरोध
34. भारतीय संविधान निर्माण प्रक्रिया
संविधान सभा की स्थापना 1946 में हुई।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर मसौदा समिति के अध्यक्ष थे।
2 वर्ष 11 माह 18 दिन में संविधान तैयार हुआ।
26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
✅ खंड – E (अति दीर्घ उत्तरीय) (2 × 5 = 10 अंक)
35. 1857 की क्रांति
भारतीय विद्रोह 1857
कारण – राजनीतिक, आर्थिक, धार्मिक और सैनिक असंतोष।
मेरठ से शुरुआत हुई।
नेता – रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, बेगम हजरत महल।
परिणाम – कंपनी शासन समाप्त, ब्रिटिश शासन प्रारंभ।
36. समकालीन दृष्टि से गांधी विचारों का महत्व
महात्मा गांधी
अहिंसा आज भी विश्व में प्रासंगिक।
सत्य और नैतिक राजनीति का महत्व।
ग्राम स्वराज की अवधारणा।
सामाजिक समानता और सद्भाव।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश।


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