CLASS 12 HISTORY CH-2
12 History Chapter 2 Notes राजा, किसान और नगर : आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ 600BCE से600CE तक → सिंधु घाटी सभ्यता के पश्चात् लगभग 1500 वर्षों के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में विविध प्रकार के विकास हुए; जिनमें ऋग्वेद का लेखन कार्य, कृषक बस्तियों का विकास, शवों के अन्तिम संस्कार के नए तरीके, नए नगरों का उदय आदि प्रमुख हैं। → ऋग्वेद का लेखन सिन्धु नदी तथा इसकी उप-नदियों के किनारे रहने वाले लोuगों द्वारा किया गया; कृषक बस्तियों का विकास उत्तर भारत, दक्कन पठार क्षेत्र तथा कर्नाटक जैसे उपमहाद्वीप के कई क्षेत्रों में हुआ। (दक्कन तथा दक्षिण भारत के क्षेत्रों में चरवाहों की. बस्तियाँ होने के भी प्रमाण मिले हैं। → शवों के अन्तिम संस्कार के नए तरीके पहली सहस्राब्दि ई. पू. के दौरान मध्य तथा दक्षिण भारत में सामने आए। इन तरीकों में महापाषाण के नाम से प्रसिद्ध पत्थरों के विशाल ढाँचे भी सम्मिलित थे। कुछ स्थानों पर विभिन्न प्रकार के लोहे से निर्मित उपकरण तथा हथियार भी शवों के साथ मिले हैं। → छठी शताब्दी ई. पू. से आरंभिक राज्यों, साम्राज्यों तथा रजवाड़ों के...



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