संदेश

Plantation drives by GSSS NAUPNAU DISTT MANDI

चित्र

बसों-टैक्सियों में स्कूली बच्चों की जान हथेली पर

चित्र
बसों-टैक्सियों में स्कूली बच्चों की जान हथेली पर सुबह-सवेरे एक ओर जहां लोग सैर को निकलते हैं, वहीं छोटे-छोटे बच्चे पीठ पर बस्ता उठाए स्कूल जा रहे होते हैं।  हर सुबह पौने सात बजे यह सिलसिला शुरू हो जाता है, पर किन दिक्कतों से जूझते हुए ये मासूम स्कूल की दहलीज तक   पहुंचते हैं, सुबह-सवेरे की इस कड़ी में जानें पूरा सच… सुबह-सवेरे नहलाकर साफ-सुथरी वर्दी पहनाकर आप बच्चों को बड़े लाड़ से स्कूल के लिए तैयार करते हैं, पर स्कूल बस में चढ़ते ही बच्चों की परेशानियां शुरू हो जाती हैं। मतलब, भारी भीड़ के चलते खड़े होकर स्कूल तक सफर करना, बस की छत पर खुद बैग रखना, घंटों जाम में फंसे रहना आदि कई ऐसी दिक्कते हैं, जिन्हें न तो स्कूल प्रबंधन समझता है और न ही प्रशासन। सुबह-सवेरे की इस कड़ी में जानें स्कूली गाडि़यों का हाल और उसमें दिक्कतों से दो चार होते  स्कूली बच्चे। जानकारी के अनुसार पर्यटन नगरी धर्मशाला में शुक्रवार और शनिवार सुबह साढ़े छह से नौ बजे के बीच कचहरी चौक, शिक्षा बोर्ड, पोस्ट आफिस, कोतवाली बाजार, श्यामनगर, रामनगर, बड़ोल, दाड़ी आईटीआई चौक, दाड़ी बाइपास, ...

LAST DATE TO APPLY ONLINE REGISTRATION (30/08/2014)

चित्र
Home Online/Offline Registration Apply Online Registration (Regular-Matriculation)   (Last Date: 30/08/2014) Apply Online Registration (Regular-Plus Two)   (Last Date:30/08/2014) Offline Registration (Only for Govt. High Schools where Internet facility is not available)   (Last Date:30/08/2014) Offline Registration (Only for Govt. Sr. Sec. Schools where Internet facility is not available)   (Last Date:30/08/2014)

Grant of DA notification

Grant of Dearness Allowance to the Employees of the State Govt. w.e.f. 01-01-2014

Leh tour pictures

चित्र
darcha baralacha pass

प्रकृति द्वारा प्रदत्त उपहार वृक्ष

वृक्षों का उदाहरण तो लोग कहावतों, मुहावरों में भी करते हैं। वृक्ष स्वयं अपने फल नहीं खाते, वृक्ष स्वयं अपनी छाया में नहीं बैठते। वृक्ष अपने लिए नहीं वरन् जीवों के लिए अपना सब कुछ समर्पित करते हैं। वृक्ष हमारे जीवन में विशिष्ट महत्व रखते हैं। वृक्षों के बिना सृष्टि की कल्पना करना व्यर्थ हैं। मेरा गांव एक मार्ग पर है। मैं हमेशा इस मार्ग से आता जाता रहा हूं। लेकिन हाल ही में सड़क के निर्माण के दौरान सारे पेड़ काट दिए गए हैं। एक भी पेड़ देखने को सड़क के किनारे नहीं बचा। इन पेड़ों के कटने से पूरे मार्ग पर राजस्थान सा नज़ारा देखने को मिलता है। अब लगता ही नहीं कि यह वही गांव है या वही सड़क मार्ग है जहां पहले इन पेड़ों की झुरमुट में पक्षी चहचहाते थे, खेत में काम करने के बाद लोग छाया में बैठकर सुस्ताते थे, बच्चे इन पेड़ों में फल ढूंढ-ढूंढ कर खाते थे और भरी दोपहर में गुल्ली डंडा खेलते थे। गरीब लोग इनकी छोटी-छोटी सूखी टहनियों से अपना चूल्हा जलाते थे। सब कुछ बदला-बदला सा नजर आता है। यही हाल गांव में होने वाले बागों का भी है। शायद ही हमारे क्षेत्र में कोई बाग जीवित बचा हो। वास्तव में ...

अपने बच्चे को पढ़ने के लिए प्रोत्साहन दीजिए

चित्र
अपने बच्चे को पढ़ने के लिए प्रोत्साहन दीजिए भले ही आज स्मार्ट फोन और टैबलेट की जनरेशन (पीढ़ी) अपने ज्ञान की क्षमताओं में एक कदम आगे है फिर भी यह जरूरी है कि आप अपने बच्चे को शुरुआती सालों से ही पढ़ने के लिए प्रोत्साहित और तैयार करें। माता-पिता की बहुत-सी जिम्मेदारियां होती हैं जिसमें से एक है कि वे अपने बच्चे की पढ़ने के प्रति रुचि बढ़ाएं। कैसे आप पढ़ने में उनकी रु‍चि बढ़ा सकते हैं :   उनकी पसंदीदा किताब ले ं अगर आपके बच्चे का कोई पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर है तो उसे टीवी देखने देने की बजाय किताब गिफ्ट करें। किताबों की दुकानें बहुत से कार्टून किताबों से भरी हैं। ये समान रूप से आकर्षक हों, नए के साथ पिक्टोरियल हों तो ध्यान जोड़े रखती हैं। उनके लिए पढ़े ं अगर आप अपने बच्चों के लिए फैरी टेल या कार्टून की किताबें लाई हैं तो आप उन्हें अपने बच्चों के...