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HISTORY CLASS 12 CHAPTER -3

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परिवार(FAMILY) मनुष्य एक पारिवारिक प्राणी है। वह परिवार में जन्म लेता है। परिवार उसकी प्रथम पाठशाला होती है जहाँ मातृभाषा, सामाजिक विश्वास, आदर्श, मूल्य तथा व्यवहार के तरीके सीखता है। परिवार प्राथमिक सामाजिक संस्था तथा समाज की मौलिक इकाई है। यह एक ऐसी संस्था है जो मनुष्य को समाज में पहचान प्रदान करती है। इसके व्यवहारों को नियमित, निर्देशित तथा नियंत्रित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अभिनीत करती है। निस्संदेह परिवार के बिना मानव समाज की कल्पना करना मुश्किल है। I. परिवार का अर्थ (Meaning of Family) साधारण शब्दों में परिवार का संबंध विवाहित स्त्री व पुरुष से है। अनेक विचारकों ने परिवार को अनेक आधारों पर परिभाषित किया है।  भावाते हैं तथा एक सामान्य संस्कृति का निर्माण तथा देख-रेख करते हैं। II. परिवार के प्रकार (Types of Family) परिवार अनेक प्रकार के होते हैं। प्रमुख प्रकार के परिवारों का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित अनुसार है- 1. एक विवाही परिवार (Monogamous Family)- एक विवाही परिवार वह होता है जिसमें एक समय में पुरुष केवल एक ही स्त्री से विवाह कर सकता है। विश्व के...

CLASS 12 HISTORY CH-2

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 12 History Chapter 2 Notes राजा, किसान और नगर : आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ 600BCE से600CE तक → सिंधु घाटी सभ्यता के पश्चात् लगभग 1500 वर्षों के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न भागों में विविध प्रकार के विकास हुए; जिनमें ऋग्वेद का लेखन कार्य, कृषक बस्तियों का विकास, शवों के अन्तिम संस्कार के नए तरीके, नए नगरों का उदय आदि प्रमुख हैं।  → ऋग्वेद का लेखन सिन्धु नदी तथा इसकी उप-नदियों के किनारे रहने वाले लोuगों द्वारा किया गया; कृषक बस्तियों का विकास उत्तर भारत, दक्कन पठार क्षेत्र तथा कर्नाटक जैसे उपमहाद्वीप के कई क्षेत्रों में हुआ। (दक्कन तथा दक्षिण भारत के क्षेत्रों में चरवाहों की. बस्तियाँ होने के भी प्रमाण मिले हैं।  → शवों के अन्तिम संस्कार के नए तरीके पहली सहस्राब्दि ई. पू. के दौरान मध्य तथा दक्षिण भारत में सामने आए। इन तरीकों में महापाषाण के नाम से प्रसिद्ध पत्थरों के विशाल ढाँचे भी सम्मिलित थे। कुछ स्थानों पर विभिन्न प्रकार के लोहे से निर्मित उपकरण तथा हथियार भी शवों के साथ मिले हैं। → छठी शताब्दी ई. पू. से आरंभिक राज्यों, साम्राज्यों तथा रजवाड़ों के...

CLASS 12 HISTORY Chapter -1

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Class 12 History Chapter 1 Notes ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ : हड़प्पा सभ्यता → हड़प्पा सभ्यता को सिन्धु घाटी सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस सभ्यता के अधिकांश स्थलों का विकास सिन्धु नदी की घाटी में हुआ था। → पुरातत्वविदों द्वारा हड़प्पा सभ्यता का समय 2600 ई. पू. से 1900 ई. पू. के मध्य निर्धारित किया गया है। → रेडियो कार्बन-14 (सी-14) जैसी नवीनतम विश्लेषण पद्धति द्वारा हड़प्पा सभ्यता का समय 2500 ई. पू. से 1750 ई. पू. माना गया है, जो सर्वाधिक मान्य है। → इस सभ्यता का नामकरण हड़प्पा नामक स्थान के नाम पर किया गया है; जहाँ यह संस्कृति सर्वप्रथम खोजी गयी थी। → हड़प्पा अथवा सिन्धु घाटी सभ्यता को हड़प्पा संस्कृति' भी कहा जाता है। पुरातत्वविदों द्वारा संस्कृति' शब्द का प्रयोग एक विशिष्ट शैली वाले पुरावस्तुओं के समूहों के लिए किया जाता है। ये समूह सामान्यतः एक साथ, एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र एवं काल-खण्ड से सम्बन्धित होते हैं।  → इस क्षेत्र में इस सभ्यता से पहले एवं बाद में भी संस्कृतियों अस्तित्व में थीं; जिन्हें क्रमशः आरंभिक एवं परवर्ती (बाद वाली) हड़प्पा सभ्यता कह...